वारासिवनी (Waraseoni) मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित एक तहसील और नगर पालिका परिषद है। यह शहर "स्वतंत्रता सेनानियों का शहर" के रूप में जाना जाता है। यहाँ वारासिवनी के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है:
औपनिवेशिक काल और स्वतंत्रता संग्राम:
ब्रिटिश शासन के दौरान, वारासिवनी मध्य प्रांत (Central Provinces) का हिस्सा था। यह क्षेत्र अपनी कृषि और खनिज संपदा (जैसे मैंगनीज) के लिए जाना जाता था।
स्वतंत्रता संग्राम में वारासिवनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यहाँ के कई स्वतंत्रता सेनानियों, जैसे कस्तूरचंद जी वर्मा, हीरालाल ताम्रकार, डॉ. टेकचंद जैन, कन्हैयालाल रूसिया, और ठाकुर प्रसाद ताम्रकार ने राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। इनके योगदान के कारण वारासिवनी को "स्वतंत्रता सेनानियों का शहर" की उपाधि मिली।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और बाद के आंदोलनों में यहाँ की जनता ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई।
स्थान और कनेक्टिविटी
स्थान: वारासिवनी बालाघाट जिले में है और जिला मुख्यालय से लगभग 16 किमी दूर है। यह वैनगंगा नदी के किनारे बसा है।
कनेक्टिविटी: यह सड़क मार्ग से बालाघाट, कटंगी, लालबर्रा, सिवनी, नागपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, भोपाल, इंदौर, तुमसर, गोंदिया और भंडारा से जुड़ा है। रेल मार्ग से यह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन (SECR) के बालाघाट-कटंगी खंड पर स्थित है, जो इसे गोंदिया जंक्शन (हावड़ा-नागपुर-मुंबई लाइन) से जोड़ता है।
नजदीकी हवाई अड्डा: नागपुर हवाई अड्डा, जो लगभग 135-145 किमी दूर है। जनसंख्या और साक्षरता
जनसंख्या और साक्षरता
जनसंख्या (2011 की जनगणना): वारासिवनी की आबादी 1,76,291 है, जिसमें 87,307 पुरुष और 88,984 महिलाएँ हैं। प्रति 1,000 पुरुषों पर 1,019 महिलाएँ हैं।
साक्षरता दर: औसत साक्षरता दर 80% है, जो राष्ट्रीय औसत (73%) से अधिक है। पुरुष साक्षरता 87.8% और महिला साक्षरता 72.3% है।
भाषा: मुख्य रूप से हिंदी बोली जाती है, साथ ही हिंदी की कुछ स्थानीय बोलियाँ भी प्रचलित हैं।
आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व
कृषि और उद्योग: वारासिवनी धान की खेती के लिए प्रसिद्ध है, और आसपास कई चावल मिलें हैं। इसके अलावा, यहाँ हथकरघा उद्योग, विशेष रूप से वारासिवनी साड़ियाँ (वैनगंगा कॉटन और टसर सिल्क साड़ियाँ), अपनी सादगी और सुंदरता के लिए जानी जाती हैं। इन साड़ियों का इतिहास 250 वर्षों से अधिक पुराना है।
शिक्षा: यहाँ कई शैक्षणिक संस्थान हैं, जैसे: गवर्नमेंट एस.एस.पी. आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस कॉलेज (रणी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से संबद्ध) कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर (जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर से संबद्ध) जवाहर नवोदय विद्यालय (सीबीएसई से संबद्ध)
पर्यटन और ऐतिहासिक स्थल
प्रमुख स्थल: पुराना जैन मंदिर (रामपायली रोड)
प्राचीन शिव मंदिर (मंडनपुर रोड)
20वीं सदी का शिव मंदिर (पिकनिक स्थल)
चंदन नदी पर गोताडोल वायडक्ट
वैनगंगा नदी के किनारे गर्रा औद्योगिक क्षेत्र और वनस्पति उद्यान
रामरमा (पिकनिक स्थल)
नजदीकी पर्यटन स्थल: पेंच नेशनल पार्क (सिवनी), कान्हा नेशनल पार्क (नागपुर के पास।:
प्रशासनिक जानकारी
तहसील और गाँव: वारासिवनी तहसील में 76 गाँव हैं, जिनमें सरांडी और वारा (पार्ट) जैसे गाँव शामिल हैं। इसका क्षेत्रफल 590.05 वर्ग किमी है, जिसमें 570.76 वर्ग किमी ग्रामीण और 19.29 वर्ग किमी शहरी क्षेत्र है।
नगर पालिका: वारासिवनी में 15 वार्डों वाली नगर पालिका है।
पिन कोड: 481331
विधानसभा क्षेत्र: वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 2.15 लाख मतदाता हैं। 2023 के चुनाव में बीजेपी ने यहाँ जीत हासिल की।
हाल की खबरें
हाल के समाचारों में अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, नगर पालिका का बजट पारित होना, और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ जैसे रामरमा गाँव में खदान धंसने से एक मजदूर की मृत्यु शामिल हैं
मौसम और वायु गुणवत्ता
मौसम: 25 मई 2025 को तापमान लगभग 29.5°C है, आर्द्रता 82% के साथ बादल छाए हुए हैं।
वायु गुणवत्ता: हाल के आँकड़ों के अनुसार, PM2.5 का स्तर WHO के वार्षिक दिशानिर्देश से अधिक है, जिससे वायु गुणवत्ता संवेदनशील समूहों के लिए अस्वास्थ्यकर है। :
विशेषताएँ
वारासिवनी का हथकरघा उद्योग, विशेष रूप से टसर सिल्क और वैनगंगा कॉटन साड़ियाँ, स्थानीय कोष्ठी समुदाय द्वारा बनाई जाती हैं। यह उद्योग सरकारी सहायता से चलता है, लेकिन पावर लूम और मिल-निर्मित कपड़ों के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है।
यह क्षेत्र स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के लिए भी जाना जाता है।
अगर आपको वारासिवनी के किसी विशेष पहलू, जैसे इतिहास, संस्कृति, या हाल की घटनाओं के बारे में और जानकारी चाहिए, तो बताएँ!